इपिफनियास पर्व

 इपिफनियास पर्व का गहन अध्ययन

आधारशास्त्र: 1 यूहन्ना 3:1-6 और मत्ती 2:1-12


परिचय

"इपिफनियास" शब्द यूनानी भाषा के "Epiphaneia" से लिया गया है, जिसका अर्थ है "प्रकाशित होना" या "प्रकट होना।" यह पर्व मुख्य रूप से यीशु मसीह के "संसार के उद्धारकर्ता" के रूप में प्रकट होने का प्रतीक है। इसे "तीन राजाओं का दिन" भी कहा जाता है क्योंकि यह मगी (तीन ज्योतिषियों) द्वारा यीशु की आराधना करने और उपहार चढ़ाने की घटना से जुड़ा है।


1. ईश्वर का महान प्रेम (1 यूहन्ना 3:1-3)

यह पद हमें यह प्रकट करता है कि ईश्वर का प्रेम कितना महान है। उसने हमें न केवल अपने प्राणी के रूप में बनाया, बल्कि अपने बच्चे बनने का अधिकार भी दिया।

"पिता ने हमसे कितना प्रेम किया है कि हम परमेश्वर के पुत्र कहलाएं।"

यह प्रेम केवल एक भावना नहीं, बल्कि एक अनुग्रह है, जो हमें परमेश्वर के साथ संबंध में लाता है।

परमेश्वर के बच्चों की पहचान

परमेश्वर के बच्चे होने का अर्थ है:

●संसार में अलग जीवन जीना।

●पवित्रता में बढ़ना।

●मसीह के समान बनना।


मसीह का प्रकटीकरण

यीशु का पृथ्वी पर आगमन, ईश्वर के प्रेम का सर्वोत्तम उदाहरण है। इपिफनियास का पर्व इस सत्य को दोहराता है कि यह प्रेम केवल यहूदियों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवजाति के लिए है।

2. खोज और आराधना (मत्ती 2:1-12)

मगी (ज्योतिषियों) की यात्रा: खोज का प्रतीक

मगी की यात्रा एक लंबी और कठिन यात्रा थी। उन्होंने केवल तारे का अनुसरण करते हुए यीशु को खोजा।

उनकी यात्रा हमें सिखाती है कि जो सच में ईश्वर को ढूंढता है, उसे मार्गदर्शन मिलता है।

यह भी दिखाता है कि यीशु का जन्म सभी राष्ट्रों के लिए था, क्योंकि मगी गैर-यहूदी थे।


उपहारों का महत्व

मगी ने यीशु को तीन उपहार दिए:

1. सोना: यीशु को राजा के रूप में पहचानने का प्रतीक।

2. लोबान: यीशु को महायाजक के रूप में सम्मान।

3. गंधरस: यीशु के बलिदान और मृत्यु का पूर्वसूचक।

ये उपहार हमें सिखाते हैं कि यीशु हमारे जीवन के हर पहलू—राजनीतिक, धार्मिक, और व्यक्तिगत—का केंद्र हैं।

राजा हेरोदेस की प्रतिक्रिया

हेरोदेस ने यीशु को खतरे के रूप में देखा और उन्हें समाप्त करने की योजना बनाई।

यह दर्शाता है कि संसार के अधर्मी शक्तियाँ हमेशा मसीह के कार्य के विरोध में खड़ी होंगी।

हमें यीशु के प्रति अपनी वफादारी और समर्पण को बनाए रखना है, चाहे संसार में कितना भी विरोध क्यों न हो।


3. ज्योति का आगमन

अंधकार में ज्योति

मगी (ज्योतिषियों) ने कहा, "हमने उसका तारा पूर्व में देखा।" यह तारा उस ज्योति का प्रतीक है जो संसार के अंधकार में चमकी।

यह ज्योति यीशु मसीह है, जो सभी के लिए सत्य, प्रेम, और उद्धार लेकर आए।

यशायाह 60:1-3 में भविष्यवाणी है कि मसीह के आने से राष्ट्रों पर ईश्वर की ज्योति प्रकाशित होगी।


हमें ज्योति बनना है

इपिफनियास हमें यह स्मरण कराता है कि हमें भी दूसरों के लिए यीशु की ज्योति का माध्यम बनना है।

मत्ती 5:14-16 कहता है, "तुम संसार की ज्योति हो।"

जब हम दूसरों को मसीह का प्रेम और सत्य दिखाते हैं, तो हम उनकी ज्योति को संसार में फैलाते हैं।


आध्यात्मिक शिक्षा

1. ईश्वर का प्रेम सार्वभौमिक है

इपिफनियास यह सिखाता है कि यीशु केवल एक समुदाय, जाति, या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे संसार के लिए हैं।

हमें भी अपने विश्वास और प्रेम को दूसरों के साथ साझा करना चाहिए।

2. सच्चे खोजकर्ता बनें

मगी की तरह, हमें भी अपने जीवन में यीशु को खोजने की लगन रखनी चाहिए।

●यह खोज प्रार्थना, पवित्रशास्त्र, और आराधना के माध्यम से पूरी होती है।

3. अपना जीवन समर्पित करें

मगी ने यीशु को उपहार दिए। हमें भी अपना समय, संसाधन, और जीवन परमेश्वर की सेवा में समर्पित करना चाहिए।

4. पवित्रता में चलें

1 यूहन्ना 3:3 हमें स्मरण कराता है कि मसीह में विश्वास रखने वाले को पवित्रता में चलना चाहिए।


निष्कर्ष

इपिफनियास का पर्व हमें यह समझने का अवसर देता है कि यीशु मसीह का जन्म और उनका प्रकट होना हमारे जीवन में क्या अर्थ रखता है। यह पर्व हमें अपने विश्वास को गहराई से जानने, उसे औरों के साथ साझा करने, और अपने जीवन को परमेश्वर के उद्देश्यों के लिए समर्पित करने के लिए प्रेरित करता है।

प्रार्थना:

"हे प्रभु यीशु, हम तुझे धन्यवाद देते हैं कि तूने संसार को अपना प्रेम और ज्योति दिखाया। हमें अपने जीवन में तुझे खोजने, तुझे समझने, और तुझे पूरी तरह समर्पित होने की शक्ति दे। हमारे माध्यम से तेरी ज्योति इस संसार में प्रकाशित हो। आमेन।"



इस अध्धयन को पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

सेवा में आप सभों का मित्र - बेकमेन टूटी (आराधक)

Dibrugarh,ASSAM


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