आज का वचन
सबसे पहले बोलो यीशु मसीह की जय !!
अब होसाना का नारा तो लगा लिए, उसके बाद प्रभु यीशु जब येरूशलेम को देख कर क्या किया यह भी सोचो, पढ़ो- *(लूका 19:41-46)* *जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया*। और कहा, “क्या ही भला होता, कि तू; हाँ, तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आँखों से छिप गई हैं। क्योंकि वे दिन तुझ पर आएँगे कि तेरे बैरी मोर्चा बाँधकर तुझे घेर लेंगे, और चारों ओर से तुझे दबाएँगे। और तुझे और तेरे साथ तेरे बालकों को, मिट्टी में मिलाएँगे, और तुझ में पत्थर पर पत्थर भी न छोड़ेंगे; क्योंकि तूने वह अवसर जब तुझ पर कृपादृष्टि की गई न पहचाना।” तब वह मन्दिर में जाकर बेचनेवालों को बाहर निकालने लगा। और उनसे कहा, “लिखा है; ‘मेरा घर प्रार्थना का घर होगा,’ परन्तु तुम ने उसे डाकुओं की खोह बना दिया है।”
यह बातें जान कर क्या आपको नही लगता कि आज भी मसिहत में इंसान का जीवन इस प्रकार का बन गया है कि, उस समय जैसे यीशु मसीह को रोना आ गया उसी प्रकार की दशा है ।
दूसरी बात यह भी की बहुत सारे लोग यीशु मसीह के विषय चीला चिल्लाकर बोल रहे हैं, पर बहुत से लोग फरीसियों के सामान दबाने की कोशिश कर रहें है । आशा करता हूँ आप चिल्लाने वालो में से हैं, क्योंकि आप नही चिल्लाओगे तो पत्थर चिल्ला उठेंगे, और उसकी गवाही देंगे ।
वक़्त यही है सुधारने का नही तो सब चकनाचूर हो जाएगा ।
आशा करता हूँ मेरे संदेश को समझ रहे होंगे, क्योंकि बिना आत्मिक दृष्टिकोण के लोग इनको नही समझेंगे ।
धन्यवाद ।
~ बेकमेन टूटी (UPT Ministries ASSAM)

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